मातृत्व अवकाश के बाद पिता को भी मिलेगी 90 दिन का छुट्टी, पढ़ें पूरी ख़बर

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नई दिल्ली। बच्चे के जन्म के बाद मां को मेटिनिटी लीव साथ ही नवजात के पिता को भी पितृत्व अवकाश की मांग ने जोर पकड़ लिया है। संसद में एक ऐसा ही गैर सरकारी विधेयक प्रस्ताव लाया गया है जिसमें सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों को तीन महीने का पितृत्व अवकाश देने का प्रावधान हो। पितृत्व लाभ विधेयक-2017 पर संसद के अगले सत्र में विचार किया जा सकता है। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि संतान के जन्म की स्थिति में माता और पिता दोनों को समान फायदा मुहैया कराया जाये।
32 करोड़ से ज्यादा पुरुषों को होगा फायदा
महाराष्ट्र के हिंगरौली से कांग्रेस सांसद और मामले के प्रस्तावक राजीव सातव के मुताबिक बच्चे की देखभाल करना माता और पिता दोनों की बराबर जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विधेयक से निजी और गैर संगठित क्षेत्र में काम करने वाले 32 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा होगा। अभी अखिल भारतीय और केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 15 दिनों का पितृत्व अवकाश मिलता है। कई कॉरपोरेट समूह भी अपने कर्मचारियों को पितृत्व अवकाश की सुविधा देते हैं। अगर इस विधेयक को कानून की शक्ल मिल जाए तो इससे न सिर्फ पितृत्व अवकाश की मियाद बढ़ जाएगी, बल्कि सभी कामगार इस सुविधा के दायरे में आ जाएंगे।
क्‍या है मातृत्व लाभ कानून, 1961
मातृत्व लाभ कानून, 1961 महिलाओं को मां बनने के दौरान उन्हें रोजगार की सुरक्षा देता है। इस दौरान 26 सप्ताह अनुपस्थित रहने के बावजूद पूरा वेतन मिलता है, ताकि वह अपने नवजात बच्चे की देखभाल ठीक से कर सके। यह कानून उन सभी प्रतिष्ठानों में लागू होता है जहां दस या इससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं। 26 सप्ताह के प्रसूति अवकाश की सुविधा दो बच्चों के मामले में ही लागू होगी और अन्य मामलों में यह सुविधा 12 सप्ताह की ही रहेगी।
मातृत्व अवकाश में भारत तीसरे नंबर पर
मातृत्व अवकाश देने के मामले में भारत का दुनिया में तीसरा स्थान है। पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका में 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दिया जाता है। मेक्सिको में 15, स्पेन में 16, फ्रांस में 16, ब्रिटेन में 20, नॉर्वे में 44 और कनाडा में 50 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दिया जाता है।

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