हमीरपुर: चेतावनी के बावजूद खुले में शौच करने को क्यों मजबूर हैं ये लोग !

loading...

हमीरपुर। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले के अधिकतर गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, लेकिन अभी कई गांव ऐसे हैं, जहां आज भी शौचालय नहीं है और लोग खुले में शौच करने जाते हैं। जिले के लेवा गांव के प्रधान द्वारा खुले में शौच करने वालों पर 500 रुपये जुर्माना लगाने की चेतावनी पर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान समेत जिला प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि हमारे पास शौचालय नहीं है, और ना ही 500 रुपया जुर्माना भरने की हैसियत। ऐसे हालात में वे कहां जाएं ?
प्रधान और सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक प्रधान और सचिव से कई बार शौचालय बनवाने के लिये कहा गया, लेकिन सचिव को शौचालय में भी रिश्वत और कमीशन चाहिए। बता दें कि जिला प्रशासन द्वारा ओडीएफ घोषित गांवों को शौचालय बनवाने के लिए पैसा जारी कर दिया गया है, लेकिन ग्रामीणों के ग्राम प्रधान और सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप स्वच्छता अभियान पर पलीता लगा रहे हैं।
12000 रुपये प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था
शौचालय निर्माण के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु सीमांत किसान, भूमिहीन खेतिहर मजदूर, दिव्यांग आदि के परिवार को 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में देने की व्यवस्था है।

loading...

Related Posts

About The Author

Add Comment