म्यांमार को संयुक्त राष्ट्र की कड़ी चेतावनी, रोहिंग्या मुसलमानों का जातीय नरसंहार बंद हो

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जिनेवा (एजेसी)। आखिरकार लंबे समय बाद संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में जातीय हिंसा का शिकार हो रहे रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार पर आवाज बुलंद की है। संयुक्त राष्ट्र ने रोहिंग्या मुस्लिमों पर जुल्म ढा रहे म्यांमार को कड़ी चेतावनी दी है।  यूएन के मानवाधिकार प्रमुख जैद राद अल हुसैन ने कहा कि म्यांमार में सुनियोजित तरीके से रोहिंग्या का जातीय नरसंहार का अभियान चलाया जा रहा है। म्यांमार ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को जांच की इजाजत नहीं दी जा रही, लिहाजा मौजूदा स्थिति का पूरी तरह से आकलन नहीं लगाया जा सकता है। लेकिन यह स्थिति नस्ली सफाये का एकदम सटीक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में सुरक्षाबल निर्मम अभियान चला रहे हैं। हुसैन ने प्रवासी कामगारों को अमेरिका में रहने की इजाजत देने वाले ड्रीमर योजना को खत्म करने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर रखा। बता दें कि बौद्धों की बहुलता वाले म्यांमार में रोहिंग्या लंबे समय से भेदभाव का शिकार हैं। उन्हें नागरिकता या कोई कानूनी दर्जा प्राप्त नहीं है। हुसैन ने बुरुंडी, वेनेजुएला, लीबिया के साथ अमेरिका में भी मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता जताई।
जान बचाकर 3 लाख रोहिंग्या बांग्लादेश भागे
यूएन शरणार्थी एजेंसी के प्रवक्ता जोसेफ त्रिपुरा के मुताबिक पिछले तीन हफ्तों में ही म्यांमार से तीन लाख से ज्यादा लोग बांग्लादेश भाग चुके हैं। करीब चार लाख रोहिंग्या शरणार्थी पहले से ही बांग्लादेशी शिविरों में रह रहे हैं। रोहिंग्या के घरों और सामान को जलाया जा रहा है, हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। कॉक्स बाजार के अस्पताल रोहिंग्या मरीजों से भरे पड़े हैं, इनमें से सैकड़ों को गोलियां लगी हैं। कई महिलाएं और बच्चे कुपोषण और अन्य बीमारियों का शिकार हैं।
दलाईलामा ने की म्यांमार की आलोचना
तिब्बती बौद्ध गुरु दलाईलामा ने मुसलमानों के उत्पीड़न को लेकर म्यांमार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अगर आज भगवान बुद्ध होते तो रोहिंग्या की मदद जरूर करते। दलाईलामा ने कहा कि जो लोग मुस्लिमों का उत्पीड़न कर रहे हैं, उन्हें बुद्ध को याद करना चाहिए। बुद्ध होते तो जरूर गरीब मुस्लिमों के लिए आगे आते। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई और डेसमंड टुटु ने भी रोहिंग्या के पक्ष में आवाज उठाई है।
PM हसीना करेगी रोहिंग्या शिविर का दौरा
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना मंगलवार को देश के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में स्थित रोहिंग्या शरणार्थी शिविर का दौरा करेंगी। सरकार का कहना है कि रोहिंग्या शरणार्थियों का बायोमीट्रिक डाटाबेस तैयार करने की योजना है। सरकार ने कॉक्स बाजार क्षेत्र में दो हजार एकड़ जंगल की जमीन रोहिंग्या मुस्लिमों के रहने के लिए आवंटित की है।

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