1993 मुंबई ब्लास्ट मामला : अबु सलेम को उम्रकैद, ताहिर मर्चेंट को फांसी की सज़ा

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मुंबई। मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों में अबु सलेम और करीमुल्लाह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं इस मामले में फीरोज खान और मोहम्मद ताहिर मर्चेंट को सुनाई फांसी की सजा सुनाई गई। सलेम पर गुजरात से मुंबई हथियार ले जाने का आरोप है। सलेम ने अवैध रूप से हथियार रखने के आरोपी अभिनेता संजय दत्त को एके 56 राइफलें, 250 कारतूस और कुछ हथगोले 16 जनवरी 1993 को उनके आवास पर उन्हें सौंपे थे। दो दिन बाद 18 जनवरी 1993 को सलेम और दो अन्य दत्त के गए और वहां से दो राइफलें तथा कुछ गोलियां लेकर वापस आए थे।
24 साल बाद दोषी करार
टाडा अदालत ने इस मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम, मुस्ताफ डोसा, फिरोज अब्दुल रशीद खान, करीमुल्ला, रियाज सिददीकी और ताहिर मरचेंट दोषी करार दिया है। सलेम को अदालत फांसी की सजा नहीं दे सकती है क्योंकि प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे 25 साल से ज्यादा की सजा नहीं दी जा सकती है। इस विस्फोट मामले में 257 लोगों की मौत हुई थी जबकि 713 गंभीर रूप से घायल हुए थे।याकूब मेमन को मिल चुकी है फांसी
साल 2007 में पूरे हुए सुनवाई के पहले चरण में टाडा अदालत ने इस मामले में याकूब मेमन सहित 100 आरोपियों को दोषी ठहराया था जबकि 23 लोग बरी हुए थे। इस मामले के मुख्य आरोपी याकूब मेमन को 30 जुलाई 2015 को फांसी की सजा दी जा चुकी है।

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